नगर पंचायत दिनेशपुर अध्यक्ष व सभासदों मे घमासान, रुका है विकास का पहिया, आखिर जिम्मेदार कौन ?

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नगर पंचायत दिनेशपुर अध्यक्ष व सभासदों मे घमासान, रुका है विकास का पहिया, आखिर जिम्मेदार कौन ?
दिनेशपुर। पिछले कुछ समय से नगर पंचायत दिनेशपुर अध्यक्ष एवं सभासदों में घमासान चल रहा हैं मुद्दा है भ्रष्टाचार। और सबसे अहम बात है कि आखिर जिम्मेदार कौन है? आज नगर पंचायत दिनेशपुर परिसर में अध्यक्ष प्रतिनिधि कावल सिंह द्वारा प्रेस वार्ता की गई है इस दौरान काबल सिंह ने बागी सभासदों पर विकास कार्यों में बाधा बनने का आरोप लगाया हैं।
प्रेसवार्ता करते हुए चेयरमैन मनजीत कौर  एवं प्रतिनिधि कावल सिंह ने कहा कि सड़क, नाली, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी योजनाओं को प्राथमिकता पर कराया जा रहा है, जिससे आमजन को लाभ मिल रहा है। लेकिन कुछ सभासद निजी स्वार्थ के चलते इन योजनाओं का विरोध कर रहे हैं और जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर 7 सभासदों के विरोधी स्वर, अब मीडिया में खुलकर सामने आ रहें हैं। आपको बता दें कि दिनेशपुर नगर पंचायत में कुल 9 वार्ड है, जिसमें से 7 सभासद प्रमाण सहित आला अधिकारियों से शिकायत कर, विकास कार्य अवरुद्ध होने का आरोप लगाया है। बागी सभासदों का कहना है कि लागत में अधिक व्यय दिखाकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। बिना सभासदों की सहमति से मनमाने तरीके से विकास कार्य किया जा रहा हैं। आरोपों में यह भी उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वर्तमान अध्यक्ष पति अनाधिकृत रूप से बोर्ड और संवैधानिक कार्यों में हस्तक्षेप करते है। सभासदों ने परगना के उप जिलाधिकारी से शिकायत कर भ्रष्टाचार रोकने की गुहार भी लगाई है।

इस प्रकरण के तहत एक दिलचस्प मामला भी सामने आया है। 7 सभासदों की सहमति से बनीं शिकायत पत्र जब एसडीएम ने स्वीकृत कर जांच करने का आश्वासन दिया तो वार्ड नंबर चार सभासद ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि इसमें मेरी सहमति नहीं है, और जो हस्ताक्षर और मोहर लगी है, वह शत प्रतिशत फर्जी है। वार्ड नंबर 4 के सभासद ने मीडिया में बयान देते हुए कहा कि मेरे जाली हस्ताक्षर और मोहर लगाकर जालसाजी की जा रही है। इस बाबत एसडीएम महोदय को शिकायत करते हुए न्याय की मांग की है।

नगर पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों में बाधा बनने का आरोप तो दूसरी ओर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए चल रहा विवाद कब तक थमेगा जिसका कोई पता नहीं है। पूरे प्रकरण में 2027 के चुनाव को देखते हुए भाजपा का आपसी दंगल नजर आ रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सभासदों में आपसी विवाद खत्म होता है या फिर उच्च अधिकारियों द्वारा नगर पंचायत दिनेशपुर की बिगड़ते कार्य प्रणाली पर लगाम लगाया जाएगा।


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