पहले तड़पता रहा, फिर चला इलाज, फिर आखिरकार हो ही गई मौत । दिनेशपुर थाना क्षेत्र के तिलपुरी नंबर 2 से दुखद खबर, पिछले 5 दिनों से जिंदगी और मौत से संघर्ष करते-करते आखिर गजराज की मौत हो ही गई। रेल विभाग और वन विभाग कोई नहीं लेना चाहता इस घटना की जम्मेदारी, पिछले शुक्रवार रात की घटना है जहां एक हाथी ट्रेन से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो जाता हैं।
जिसकी जीभ और दांत टूटने के सथ-साथ पीछे की साइड गंभीर चोटे आई थी।जिसकी वजह से वह रेंगते रेंगते पानी के गड्ढे में गिर जाता है वन विभाग द्वारा रेस्क्यू लेकर , 5 दिन का उपचार और मौत के बाद पोस्टमार्टम महज एक खानापूर्ति नजर आया है। देर शाम को जब घटना घटी तो हाथी ट्रेन से टकराकर पानी के गड्ढे में गिर गया। रात भर पानी में तड़पता रहा लेकिन वन विभाग की टीम ने रात को कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके बाद सुबह जब ग्रामीण घटनास्थल पहुंचे तो हाथी की गंभीर हालात देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। इसके बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम पहुंची और 15 घंटे बाद हाथी को बाहर निकाला गया। वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल मथुरा की टीम द्वारा हाथी का प्राथमिक उपचार किया गया डॉक्टर ललित का कहना था कि हाथी की हालत बहुत गंभीर बनी हुई है। हमारी टीम द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान कल मंगलवार को हाथी की मौत की खबर सुनकर क्षेत्र में एक शोक की लहर है ।अब तक के पूरे घटनाक्रम में ग्रामीणक अनुसार लापरवाही बताई जा रही हैं जिस कारण हाथी की मौत हो गई है


