हौसलों के आगे हार गई मुश्किलें, कृत्रिम पैर के सहारे नेहा भट्ट ने पूरी की अमरनाथ यात्रा।

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हौसलों के आगे हार गई मुश्किलें, कृत्रिम पैर के सहारे नेहा भट्ट ने पूरी की अमरनाथ यात्रा
श्रीनगर। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी चुनौती छोटी पड़ सकती है, इसका जीवंत उदाहरण नेहा भट्ट ने पेश किया है। वर्ष 2021 में एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर गंवाने वाली नेहा ने कृत्रिम पैर (प्रोस्थेटिक लेग) के सहारे पवित्र अमरनाथ यात्रा पूरी कर लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
नेहा भट्ट ने अमरनाथ यात्रा के लिए बालटाल मार्ग का चयन किया, जिसे यात्रा का सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण रास्ता माना जाता है। यह मार्ग अपनी खड़ी चढ़ाई, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और कठिन परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। इसके बावजूद नेहा ने हार नहीं मानी और पूरे रास्ते को अपने हौसले और दृढ़ संकल्प के दम पर पार किया।
नेहा ने अपनी यात्रा के अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर साझा किया है। वायरल हो रहे वीडियो में वह एक हाथ में लकड़ी की छड़ी और फोरआर्म क्रच (बैसाखी) के सहारे कठिन पहाड़ी रास्तों पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही हैं। यात्रा के दौरान उनका एक साथी भी साथ रहा, जो जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता करता नजर आया।
विशेष बात यह है कि जहां कई स्वस्थ श्रद्धालु भी बालटाल मार्ग की कठिनाई को देखते हुए घोड़े, पालकी या अन्य सुविधाओं का सहारा लेते हैं, वहीं नेहा ने कृत्रिम पैर के सहारे पूरी यात्रा पैदल तय की। उनकी यह उपलब्धि न केवल दिव्यांगजनों के लिए बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो जीवन की चुनौतियों से जूझ रहा है।
सोशल मीडिया पर नेहा की इस उपलब्धि की व्यापक सराहना हो रही है। लोग उनके साहस, जज्बे और आत्मविश्वास की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रेरणा का प्रतीक बता रहे हैं। नेहा की यह यात्रा संदेश देती है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी बाधा इंसान को अपने लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।


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