कभी दूसरों के घरों में बर्तन धोकर परिवार चलाने वाली महिला…
आज बंगाल सरकार में मंत्री बन चुकी है।
ये कहानी है कलिता माजी की…
जिन्होंने संघर्ष को अपनी ताकत बनाया और मेहनत से इतिहास रच दिया।
बंगाल में कैबिनेट विस्तार के दौरान 35 नए मंत्रियों ने शपथ ली।
राज्यपाल आर. एन. रवि ने सभी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हुई… वो नाम था कलिता माजी का।
ऑसग्राम विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर जीत दर्ज करने वाली कलिता माजी कभी लोगों के घरों में बर्तन धोती थीं, घर का काम करती थीं…
उसी मेहनत की कमाई से उनका परिवार चलता था।
लेकिन उन्होंने गरीबी को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।
संघर्ष जारी रखा… मेहनत जारी रखी… और जनता का भरोसा जीत लिया।
4 मई का दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बना…
जब एक घरेलू कामगार से वो विधायक बनीं।
और अब विधायक से मंत्री बनकर उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और हौसले के आगे कोई भी मुश्किल बड़ी नहीं होती।
कलिता माजी की कहानी सिर्फ राजनीति की कहानी नहीं…
बल्कि हर उस इंसान की प्रेरणा है…
जो हालात से लड़कर अपने सपनों को सच करना चाहता है।
“अगर इरादे मजबूत हों…
तो बर्तन धोने वाले हाथ भी एक दिन सत्ता की शपथ ले सकते हैं।”


